अर्धनारीश्वर
हें ! माँ जग तो सब आपकी माया है
आप ही है जननी हमारी और
आपने ही अपनी माया से हमे भरमाया है
बालक है हम आपके और आप ही हमे खेल खिलाती है
और खेलाते खेलाते हमे सत्य के दर्शन करवाती है
यह हम समझ नही पाते क्योंकि बालक है हम
नादान है हम, कमअक्ल है हम, मगर फिर भी मासूम है हम
हें ! माँ कृपा हम पर कर डालो और अपनी माया का जाल हमसे हटा लो
आप ही है भगवान शिव की शक्ति और शक्ति बिन शिव भी है अधूरे
फिर क्या औकात है हमारी और बिन आप की कृपा के कैसे हो कार्य हमारे पूरे
इसलिए कृपा करो और ऊँगली हमारी पकड़ लो और ले चलो हमे सत्य की और
क्योंकि ये ही सत्य है और सत्य ही शिव है और शिव ही सुंदर है
इसलिए अपने और शिव के अर्धनारीश्वर (शिव-शक्ति का सयुंक्त रूप) रूप को दे डालो मेरी डोर II
निवेदक : प्रवीन चन्द्र झांझी
हें ! माँ जग तो सब आपकी माया है
आप ही है जननी हमारी और
आपने ही अपनी माया से हमे भरमाया है
बालक है हम आपके और आप ही हमे खेल खिलाती है
और खेलाते खेलाते हमे सत्य के दर्शन करवाती है
यह हम समझ नही पाते क्योंकि बालक है हम
नादान है हम, कमअक्ल है हम, मगर फिर भी मासूम है हम
हें ! माँ कृपा हम पर कर डालो और अपनी माया का जाल हमसे हटा लो
आप ही है भगवान शिव की शक्ति और शक्ति बिन शिव भी है अधूरे
फिर क्या औकात है हमारी और बिन आप की कृपा के कैसे हो कार्य हमारे पूरे
इसलिए कृपा करो और ऊँगली हमारी पकड़ लो और ले चलो हमे सत्य की और
क्योंकि ये ही सत्य है और सत्य ही शिव है और शिव ही सुंदर है
इसलिए अपने और शिव के अर्धनारीश्वर (शिव-शक्ति का सयुंक्त रूप) रूप को दे डालो मेरी डोर II
निवेदक : प्रवीन चन्द्र झांझी
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